महिलाएँ हनुमान जी का पूजन

महिलाओं को हनुमान जी के पूजन में ध्यान रखनी चाहिए ये बातें !

महिलाएँ हनुमान जी का पूजन – हनुमान जी अपने भक्‍तों के सभी कष्‍ट दूर करते हैं।

कर्ज में डबे हों या आपके ऊपर कोई विपत्ति आ पड़ी हो, हनुमान जी हर बाधा से रक्षा करते हैं। हनुमान जी को कलियुग का देवता कहा गया है जो कलियुग में भी जीवित हैं और पृथ्‍वी और मनुष्‍य जाति की रक्षा करते हैं। कहते हैं कि हनुमान जी को भगवान राम ने वरदान दिया था कि वे पृथ्‍वी के अंत तक चिरंजीवी रहेंगें एवं मनुष्‍य जाति की रक्षा करेंगें। बस, तभी से हनुमान जी अपने भक्‍तों की रक्षा के लिए पृथ्‍वी पर रहते हैं।

एकमात्र हनुमान जी ही ऐसे ईष्‍ट हैं तो मनुष्‍य के जीवन की सभी समस्‍याओं को पल में दूर कर सकते हैं। समस्‍या चाहे कैसी भी हो हनुमान जी की आराधना से उसे दूर किया जा सकता है।

सभी जानते हैं कि हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं और उन्‍होंनें कभी भी किसी से विवाह नहीं किया था।

उन्‍होंने तो अपना पूरा जीवन ही श्रीराम की भक्‍ति को समर्पित कर दिया था। हनुमान जी के लिए प्रभु श्रीराम ही सब कुछ थे और इसीलिए उन्‍होंनें कभी विवाह नहीं किया। मान्‍यता है कि हनुमान जी का पूजन महिलाओं को नहीं करना चाहिए।

चूंकि हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं इसलिए उन्‍हें स्त्रियों का स्‍पर्श पसंद नहीं है। शास्‍त्रों के अनुसार महिलाएँ हनुमान जी का पूजन तो कर सकती हैं लेकिन उन्‍हें उनके पूजन में कुछ बातों का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए साथ ही महिलाओं के लिए हनुमान जी के पूजन में कुछ विशेष नियम भी बनाए गए हैं। जो महिलाएँ हनुमान जी का पूजन करना चाहती हैं वे इन नियमों का पालन जरूर करें।

महिलाएँ हनुमान जी का पूजन –

– महिलाओं के रजस्‍वला और परिवार के उत्तरदायित्‍व होते हैं। इस कारण महिलाएं हनुमान जी का कोई लंबा अनुष्‍ठान नहीं कर सकती हैं। इसलिए अब जब भी कोई महिला हनुमान जी का पूजन करे तो कोई भी अनुष्‍ठान या मन्‍नत लंबे समय के लिए न करे।

– शास्‍त्रों में महिलाओं के रजस्‍वला के दिनों को अपवित्र कहा गया है। रजस्‍वला के दिनों में महिलाओं का पूजन करना या किसी भी धार्मिक स्‍थल में जाना निषेध माना गया है। इसी प्रकार रजस्‍वला के दौरान महिलाओं को हनुमान जी का पूजन भी नहीं करना चाहिए।

– महिलाओं को हनुमान जी के बजरंग बाण का पाठ नहीं करना चाहिए एवं स्त्रियों को कभी भी हनुमान जी को आसन भी नहीं देना चाहिए।

– हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं और उनके ब्रह्मचर्य की प्रतिष्‍ठा के लिए महिलाओं को कभी उन्‍हें अर्घ्‍य नहीं देना चाहिए।

– महिलाएं हनुमान जी को न तो चरण पादुकाएं अर्पित करें और ना ही उन्‍हें आचमन दें।

– शास्‍त्रों के अनुसार महिलाओं को हनुमान जी को पंचामृत से स्‍नान भी नहीं करवाना चाहिए। महिलाएं हनुमान जी का पूजन तो कर सकती हैं लेकिन उन्‍हें वस्‍त्र अर्पित न करें।

– महिलाओं के लिए हनुमान जी के पूजन हेतु बड़े सख्‍त नियम बनाए गए हैं और इन नियमों के अनुसार महिलाएं हनुमान जी को जनेऊ अर्थात् यज्ञोपवीत भी नहीं चढ़ा सकती हैं।

जो महिलाएँ हनुमान जी का पूजन करना चाहती है उन्हें इन बातों का विशेष ध्‍यान रखें। अगर आप हनुमान जी की कृपा पाना चाहते हैं तो उनके पूजन में भूलकर भी कोई गलती न करें।

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