सफल होने के लिए

सफल होने के लिए श्रीकृष्ण से सीखें ये 5 बातें

सफल होने के लिए – सावन के महीने के बाद श्रीकृष्‍ण का पावन भाद्रपद का महीना शुरु हो चुका है।

भाद्रपद की कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी के दिन भगवान कृष्‍ण का जन्‍मोत्‍सव यानि जन्‍माष्‍टमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह त्‍योहार 14 अगस्‍त यानि सोमवार के दिन पड़ रहा है। आज हम आपको श्रीकृष्‍ण के ऐसे गुणों के बारे में बताएंगें जिन्‍हें अपनाकर आप अपने जीवन में एक सफल इंसान बन सकते हैं।

श्रीकृष्‍ण में ऐसे कई गुण विद्यमान हैं जो आपके जीवन को एक बेहतर और नई दिशा दे सकते हैं।

तो चलिए जानते हैं सफल होने के लिए श्रीकृष्‍ण के इन्‍हीं गुणों के बारे में …

सफल होने के लिए – 

1 – श्रीकृष्‍ण का शांत स्‍वभाव

बचपन में तो श्रीकृष्‍ण नटखट थे किंतु उनका स्‍वभाव काफी शांत था। कंस मामा द्वारा भेजे गए सभी शत्रुओं को श्रीकृष्‍ण ने बड़ी सरलता से मार दिया था। उन्‍हें देखकर भगवान कृष्‍ण को बिलकुल भी क्रोध नहीं आता था। श्रीकृष्‍ण हर प्रहार का मुस्‍कुराकर जवाब देते थे।

2 – साधारण जीवन

श्रीकृष्‍ण का जन्‍म गोकुल के राजा नंद के यहां पुत्र रूप में हुआ था लेकिन कृष्‍ण जी भी गोकुल के अन्‍य साधारण बालकों की तरह ही रहना पसंद करते थे। उन्‍होंने कभी गरीब-अमीर में भेद नहीं किया। ऊंचे राज घराने में जन्‍म लेने का घमंड श्रीकृष्‍ण में बिलकुल नहीं था।

3 – कभी हार नहीं मानी

भगवान कृष्‍ण ने मनुष्‍य को कभी हार नहीं मानने का संदेश दिया है। उनके कथन के अनुसार जीवन में कभी भी किसी भी परिस्थिति से हमें हार नहीं माननी चाहिए। परिणाम के चिंता किए बिना हमें हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए।

4 – दोस्‍ती का वादा निभाना

भगवान कृष्‍ण और सुदामा की मित्रता का कोई जवाब नहीं है। दोनों के बीच प्रेम के साथ-साथ एक-दूसरे के प्रति आदर भी था। श्रीकृष्‍ण ने सदा अपने मित्रों का पूरा साथ दिया है।

5 – माता-पिता का आदर करना

श्रीकृष्‍ण को जन्‍म देवकी और वासुदेव ने दिया था लेकिन उनका पालन-पोषण यशोदा और राजा नंद ने किया था। श्रीकृष्‍ण ने सदा अपने दोनों माता-पिता का आदर किया और उन्‍हें भरपूर प्रेम दिया।

सफल होने के लिए – कलिुयग में यदि कोई व्‍यक्‍ति श्रीकृष्‍ण की इन पांच आदतों का अनुसरण कर लेता है तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

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