हस्त रेखा शास्त्र सेवा

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हाथों की लकीरें व्यक्ति के वर्तमान, भूत और भविष्य पर प्रकाश डालती हैं। हथेली पर बनीं, हाथों की रेखाओं को पढ़कर, जब व्यक्ति के व्यक्तित्व और उसके जीवन को देखा जाता है तब इसे हस्तरेखा अध्ययन बोलते हैं। भारत के वेदों में सर्वप्रथम इस विद्या का आविष्कार किया था। आज यह विद्या भारत के अलावा चीन और रोम में खासी चल रही है। भारत में हस्तरेखा अध्ययन आज सिर्फ सनातन धर्म तक सीमित हो गयी है किन्तु ऐसे कई उदाहरण है कि इस विद्या का प्रयोग एक समय में कई अन्य धर्म के लोग भी करते थे।