हनुमान

आज भी धरती पर इस स्‍थान पर रहते हैं हनुमान जी, रखते हैं सब पर नज़र

श्रीराम के परम भक्त हुनमान जी को माता सीता और भगवान राम ने धरती पर रहकर सदा मनुष्य जाति की रक्षा करने का वरदान दिया था. किवदंती है कि मनुष्य जाति की रक्षा के लिए हनुमान जी को चिरंजीवी‍ होने का वरदान मिला था. इसी के संबंध में कहा जाता है कि हनुमान जी आज भी जीवित हैं और ऐसे कई प्रमाण भी हैं जो उनके अस्तित्व के बारे में बताते हैं.

मान्यता है कि कैलाश पर्वत से उत्तर दिशा की ओर एक खास जगह है जहां हनुमान जी आज भी रहते हैं. सदियों से कई ग्रंथों और पुराणों में हनुमान जी के इस स्थान पर निवास करने का उल्लेख मिलता है.

 

भीम से युद्ध

पौराणिक कथाओं के अनुसार सतयुग में भगवान राम और माता सीता के आशीर्वाद से हनुमान जी अमर बन गए हैं और अब वे कैलाश के उत्तर में गंधमादन पर्वत पर निवास करते हैं. किवदंती है कि अज्ञातवास के दौरान पांचों पांडव हिमवंत पर्वत पार कर गंधमादन पहुंचे थे और इसी स्थान पर हनुमान जी और पांडव पुत्र भीम के बीच युद्ध हुआ था. गंधमादन पर्वत पर ही हनुमान जी ने युद्ध के पश्चात भीम को अपने वास्तविक स्वरुप में दर्शन दिए थे.

 

महर्षि कश्यप ने की थी तपस्या

गंधमादन पर्वत, कैलाश पर्वत की उत्तर दिशा में स्थित है. कहते हैं कि इस पर्वत पर महर्षि कश्यप जैसे महान ऋषियों ने भी तपस्या की थी. इस पर्वत पर गंधर्व, किन्नरों, अप्सराओं और सिद्ध ऋषियों का निवास है.

पवनपुत्र हनुमान

कुबेर महाराज का राज्य क्षेत्र

कैलाश से उत्तर दिशा की ओर स्थि‍त गंधमादन पर्वत, कुबेर महाराज के राज्य क्षेत्र में आता है. सुमेरु पर्वत की चारों दिशाओं में गजदंत पर्वतों में से एक को उस काल में गंधमादन पर्वत कहा जाता था. वर्तमान समय में यह पर्वत तिब्बत के इलाके में है.

इसके अलावा इसी नाम से एक और पर्वत रामेश्‍वरम् के पास भी स्थित है. कहते हैं कि इस पर्वत से समुद्र पार करने के लिए हनुमान जी ने छलांग लगाई थी.

इससे पहले भी चिरंजीवी‍ हनुमान जी के धरती पर होने की बात कही जा चुकी है किंतु इस बात को साबित करने के लिए कोई साक्ष्य उपलब्‍ध नहीं है.

आज भी इस पर्वत पर किसी वाहन से पहुंच पाना असंभव माना जाता है. हनुमान जी कलयुग में भी साक्षात् उपस्थित हैं. आज जो लोग अपने बिगड़े काम हनुमान से बनवाना चाहते हैं तो उनको हनुमान पूजा जरुर करानी चाहिए. योर फार्च्यून की ऑनलाइन हनुमान पूजा का लाभ आप जरुर उठाना चाहेंगे.

 

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इस मंदिर में हनुमान जी की आँखों से बह रहे आंसू देखकर आपकी आँखों में भी आंसू आ जायेंगे !

 

 

 

 

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