अंग के फड़कने पर

जानिए किस अंग के फड़कने पर मिलता है कैसा फल ?

अंग के फड़कने पर – भगवान शिव के ज्‍येष्‍ठ पुत्र कार्तिकेय ने अंग शास्‍त्र की रचना की थी जिसे सामुद्रिक शास्‍त्र के नाम से भी जाना जाता है। इस रचना में अंगों के फड़कने से संबंधित कई तरह के रहस्‍यों का वर्णन किया गया है।

आपको शायद मालूम नहीं होगा कि अलग-अलग अंगों के फड़कने का असर विभिन्‍न होता है। मतस्‍य पुराण की मानें तो पुरुषों के शरीर के किसी दाहिने अंग का फड़कना शुभ और बाएं अंग का फड़कना अशुभ माना जाता है। वहीं स्त्रियों में ठीक इसके विपरीत होता है।

तो चलिए जानते हैं कि किस अंग के फड़कने पर क्‍या फल  मिलता है।

चेहरे कें अंग फड़कने पर फल

अगर ललाट फड़कने लगे तो समझ जाएं कि आपको जमीन-जायदाद में लाभ मिलने वाला है। नेत्रों के आसपास स्‍फुरण धन लाभ के संकेत देता है। दाईं पलक फड़कने लगे तो युद्ध में जीत मिलती है और आप अपने लक्ष्‍य को हासिल कर पाने में सफल हो पाते हैं।

नाक का फड़कना

नाक के फड़कने का मतलब है कि आपकी अपने किसी प्रियजन से भेंट हो सकती है। नीचे वाले होंठ में स्‍फुरण का अर्थ है कि आपको संतान सुख मिलने वाला है एवं गले का फड़कना भौतिक सुख में वृद्धि कर सकता है।

शरीर के अंगों के फड़कने का रहस्‍य

हाथ फड़कने लगे तो आपको निकट समय में धन प्राप्‍ति होने वाली है। वहीं पीठ का फड़कना आपको किसी विवाद में जीत दिलाने का संकेतक है। दोनो पैर फड़कने लगें तो इसका मतलब है कि आपके स्‍थान में परिवर्तन होने वाला है। लेकिन स्त्रियों के लिए ये फलादेश बिलकुल विपरीत होगा।

आंखों का फड़कना देता है क्‍या संकेत

पुरुषों के लिए दाईं आंख का फड़कना शुभ और स्त्रियों के लिए बाईं आंख का फड़कना शुभ माना जाता है। वहीं पुरुषों में बाईं आंख का फड़कना अशुभ और स्त्रियों में दाईं आंख का फड़कना अशुभ फलकारक माना जाता है।

अब तो आप जान ही गए होंगें कि शरीर के किस अंग के फड़कने पर कैसा फल मिलता है।

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