दुर्घटना योग

कुंडली में बन रहे दुर्घटना योग से इस तरह बचें

मनुष्‍य की जनमकुंडली में उसके जीवन का पूरा सार होता है।

जन्‍मकुंडली अतीत, वर्तमान और भविष्‍य का आईना होती है। आने वाले समय में आपके ऊपर कौन-सी परेशानियां टूटने वाली हैं या आपको जीवन में किन मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा, ये सब बातें कुंडली का विश्‍लेषण कर जाना जा सकता है।

ज्‍योतिषीय अपवाद के कारण एक ही तरह की कुंडली के लोगों का जीवन अलग-अलग हो जाता है। ज्‍योतिष एक जटिल विद्या है और अधिकतर ज्‍योतिषी उथले तौर पर जांचकर भविष्‍यवाणी करते हैं।

दुर्घटना योग

किसी भी व्‍यक्‍ति की कुंडली का आंकलन कर इस बात का पता लगाया जा सकता है कि उनके भविष्‍य में कोई दुर्घटना लिखी है या नहीं। आज हम आपको बताएंगें कि कुंडली के आधार पर किस तरह दुर्घटना योग के बारे में पता लगाया जा सकता है।

ऐसे बनता है दुर्घटना योग

– अगर छठे भाव और आठवें भाव का स्‍वामी कुंडली में किसी अशुभ ग्रह के साथ बैठा है तो उस जातक के जीवन में दुर्घटना योग लिखा है। उसके साथ कोई दुर्घटना होने की संभावना है।

– दुर्घटना का प्रत्‍यक्ष संबंध लग्‍न भाव और लग्‍न भाव के स्‍वामी से होता है। लग्‍न में कोई शुभ ग्रह बैठा हो तो उस जातक को उत्तम फल की प्राप्‍ति होती है।

– यदि लग्‍न या लग्‍नेश पर कोई मारक या अशुभ ग्रह गोचर करता है तो उस व्‍यक्‍ति के साथ कोई दुर्घटना हो सकती है। मारक ग्रह की अंतरदशा के दौरान भी उस व्‍यक्‍ति को दुर्घटना की वजह से कष्‍ट झेलना पड़ता है।

– मंगल और शनि के एकसाथ विराजमान होने पर कुंडली में दुर्घटना योग का निर्माण होता है।

– लग्‍न भाव या कुंडली के दूसरे भाव में राहु और मंगल बैठे हों तो भी दुर्घटना योग बनता है।

– लग्‍न भाव में शनि या मंगल का होना भी अशुभ माना जाता है।

– कुंडली के तीसरे भाव में मंगल और शनि के होने पर भी जातक को घातक परिणाम देखने पड़ते हैं।

दुर्घटना से बचने के उपाय

– किसी भी तरह की मुसीबत से बचने के लिए हनुमान जी की उपासना करें। हनुमान मंदिर में जाकर मिट्टी के दीये में चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान जी की आराधना करें।

– किसी भी हनुमान मंदिर जाकर अपने हाथ में लाल मौली बंधवाएं। साथ ही पक्षियों को लाल मसूर की दाल खिलाएं।

– दुर्घटना से बचने के लिए अपने घर की छत पर लाल रंग का झंडा फहराएं। इसके अलावा एक नीबू पर सिंदूर लगाकर उसे चौराहे पर फेंक दें।

– नारियल पर मौली बांधकर हनुमान जी को अर्पित करें और उनकी प्रतिमा के आगे लाल रंग के फूल चढ़ाएं।

– हनुमान जी की कृपा से केवल दुर्घटना की आशंका ही नहीं बल्कि हर तरह के कष्‍ट दूर हो जाएंगें।

हर किसी को थोड़ा-बहुत ज्‍योतिष का ज्ञान अवश्‍य होना चाहिए। ज्‍योतिष का सामान्‍य ज्ञान होने से आप अपने और अपनों के जीवन को सुरक्षित रख सकते हैं। इस काम को पूरा करने में ज्‍योतिषीय उपाय आपकी मदद करते हैं।

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